Health: Know about CVS if you work on computer | आंखों में जलन, सिरदर्द, थकान या कंधे में दर्द कंप्यूटर विजन सिंड्रोम का हैं संकेत; सावधानियां और कुछ व्यायाम दिला सकते हैं राहत

 

आंखों में जलन, सिरदर्द, थकान या कंधे में दर्द कंप्यूटर विजन सिंड्रोम का हैं संकेत; सावधानियां और कुछ व्यायाम दिला सकते हैं राहत

हेल्थ डेस्क. क्या आप प्रतिदिन कई घंटे कंप्यूटर पर काम करते हैं? और क्या इससे आपको कभी-कभी आंखों में जलन, नज़र में धुंधलापन, सिरदर्द, थकान या गले तथा कंधे में दर्द का एहसास होता है? अगर इसका जवाब हां है तो आपको थोड़ा सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि यह कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (सीवीएस) का संकेत हो सकता है। यह समस्या ज्यादातर उन लोगों में देखने को मिलती है जो लगातार और काफी देर तक कंप्यूटर पर काम करते हैं।

क्यों होती है ये समस्या?

  1. जब आप घंटों कंप्यूटर स्क्रीन पर अपनी नजरें गढ़ाए रखते हैं, तो आप स्क्रीन पर केवल एक चीज़ पर फोकस नहीं कर रहे होते। आप अलग-अलग शब्द पढ़ते हैं, कई तरह की इमेजेस देखते हैं। इससे आपकी आंखों का फोकस बार-बार बदलता है, जिसका आपको एहसास भी नहीं होता। लेकिन इस प्रकिया में आंखों की मांसपेशियों को मस्तिष्क तक संदेश भेजने के लिए काफी दबाव में काम करना पड़ता है। इसके अलावा स्क्रीन की चमक भी इस दबाव को बढ़ाती है। नीम पर करेला यह होता है कि इस पूरी प्रक्रिया में हम पलकें भी कम झपकाते हैं। इसी का नतीजा कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के रूप में सामने आता है। हालांकि कोई पुस्तक या अखबार पढ़ने में भी हमारी आंखों को काफी मेहनत लगती है, लेकिन यहां फोकस लगभग स्थिर रहता है। पलकें भी हम अपेक्षाकृत ज्यादा झपकाते हैं। इस वजह से ऑफ स्क्रीन पढ़ने-लिखने में हमारी आंखों को कम दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
  2. सीवीएस में क्या होता है?

    आंखों में नमी कम हो जाती है। इससे आंखों में लालिमा बढ़ जाती है। आंखों से नमी कम होने से आंखों में रगड़ बढ़ जाती है, जिससे नजर में धुंधलापन आने लगता है। आंखों में शुष्कता बढ़ने से आंखों में खुजली होने लगती है। डबल विज़न (खासकर पढ़ने के दौरान एक अक्षर के ऊपर वही अक्षर नजर आता है) की समस्या होती है। सिरदर्द या गर्दन अथवा पीठ में दर्द भी होने लगता है।

  3. कंप्यूटर को सही स्थिति में रखें

    अपने कंप्यूटर की स्क्रीन को आंखों से 20 से 26 इंच की दूरी पर रखें। साथ ही स्क्रीन पर दिखने वाले अक्षरों को सामान्य तौर पर पढ़े जाने वाले अक्षरों के आकार से कम से कम तीन गुना ज्यादा रखें। इसके अलावा कंप्यूटर की स्क्रीन को आंखों से नीचे 10 से 20 डिग्री के कोण पर रखें। यानी मॉनिटर आपकी आंखों के लेवल से 4-5 इंच नीचा होना चाहिए। स्क्रीन किसी भी स्थिति में आंखों के लेवल से ऊपर नहीं होनी चाहिए। अगर स्क्रीन ऊंचाई पर होगी तो पलकें झपकाने के बहुत कम मौके मिलेंगे।

  4. स्क्रीन की ब्राइटनेस को एडजस्ट करें

    आपके कंप्यूटर स्क्रीन की ब्राइटनेस कितनी होनी चाहिए, इसका कोई फिक्स्ड फॉर्मूला नहीं हो सकता। फिर भी इतना ध्यान रखें कि स्क्रीन बहुत अधिक ब्राइट नहीं होनी चाहिए और न ही ब्राइटनेस इतनी कम होनी चाहिए कि उसे देखने पर आंखों पर अनावश्यक दबाव हो। साथ ही मॉनिटर को इस तरह रखें कि खिड़कियां उसके सामने या पीछे रहने के बजाय अलग-बगल में रहें। यह भी कोशिश करें कि किसी बल्ब या ट्यूबलाइट का रिफ्लैक्शन स्क्रीन पर न आए।

  5. बार-बार पलकें झपकाते रहें

    कंप्यूटर पर काम करते हुए लगातार पलकें झपकाना बहुत जरूरी है। इससे आंखों में नमी बनी रहती है। कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि सामान्य स्थितियों के मुकाबले कंप्यूटर (या स्मार्टफोन अथवा टैबलेट पर भी) काम करते समय लोग अपनी पलकें पांच गुना तक कम झपकाते हैं। पलकें नहीं झपकाने की वजह से आंखों में आंसू नहीं बन पाते हैं और आंखें तेजी से शुष्क होती जाती हैं। पलकें झपकाने के अलावा बीच-बीच में अपनी आंखों को साफ पानी से भी धोते रहें तो और बेहतर रहेगा।

  6. सक्रिय रहें और हमेशा बैठे न रहें

    जो लोग काफी देर तक बैठकर काम करते हैं, उन्हें कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की समस्या ज्यादा होती है। ऐसे लोग एक नियम और बनाएं कि जब भी मौका मिले, वे खुद ही उठकर काम करें। अगर ऑफिस में काम कर रहे हैं तो खुद ही पानी या चाय-कॉफी लाएं। अगर फोन आए तो सीट से उठकर या चलहकदमी करते हुए बात करें। इसके अलावा भी समय-समय पर टहलें या स्ट्रेचिंग करें। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि आपकी आंखों को स्क्रीन से ब्रेक मिलेगा।

  7. आंखों का आसान व्यायाम

    हर एक घंटे बाद कंप्यूटर स्क्रीन से नजरें हटाएं और दूरी पर रखी हुई किसी चीज पर 10 से 15 सेकंड तक नजरें टिकाए रखें। उसके बाद बाद पास स्थित किसी चीज पर 10 से 15 सेकंड तक फोकस करें। पांच से दस बार ऐसा ही करें। इसके अलावा आप एक और आसान व्यायाम कर सकते हैं। हर आधे या एक घंटे में कम से कम 10 बार आंखों को इस तरह से धीरे-धीरे झपकाएं जैसे सो रहे हों। इस व्यायाम से आपकी आंखों की फोकस करने वाली मांसपेशियां तनावग्रस्त नहीं होंगी।

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