मकर संक्रांति 15 को; सुबह जल्दी उठें और सूर्य जल चढ़ाकर बोलें सूर्य मंत्र, तिल-गुड़ का करें सेवन

बुधवार को सूर्य धनु राशि से मकर राशि में करेगा प्रवेश और हो जाएगा दक्षिणायन से उत्तरायन

जीवन मंत्र डेस्क. बुधवार, 15 जनवरी को सूर्य पूजा का विशेष पर्व मकर संक्रांति है। इस दिन सूर्य ग्रह धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है, इसीलिए इस पर्व को मकर संक्रांति कहते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायन होगा। शास्त्रों की मान्यता है कि इस तिथि से देवताओं के दिन शुरू हो जाते हैं। मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व है, साथ ही ये पर्व स्वास्थ्य की दृष्टि से भी विशेष स्थान रखता है। यहां जानिए कुछ ऐसे शुभ काम जो संक्रांति पर किए जा सकते हैं…

  • सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें

सूर्य का राशि परिवर्तन होने से इस दिन का महत्व काफी अधिक है। इस दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि कर्मों से निवृत्त होकर सूर्य को जल चढ़ाएं। ऐसा नियमित रूप से करने पर सूर्य के दोष शांत होते हैं। ये स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभदायक है। सूर्य को जल चढ़ाने के लिए सुबह जल्दी उठना होता है, ऐसे में सुबह-सुबह का प्राकृतिक वातावरण हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक रहता है।

  • सूर्य की किरणें होती है लाभदायक

सूर्य की स्थिति बदलता है, इस कारण मकर संक्रांति से ठंड का प्रभाव कम होने लगता है। इस दिन सूर्य की किरणें हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रहती हैं। त्वचा की चमक बढ़ती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है। सूर्य की किरणों के स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए ही इस दिन पतंग उड़ाने की प्राचीन परंपरा चली आ रही है।

  • तिल-गुड़ का है महत्व

सर्दी में तिल और गुड़ का सेवन करने का विशेष महत्व है। तिल और गुड़ की तासीर गर्म होती है जो कि सर्दी में हमारे शरीर को गर्मी प्रदान करती है। तिल-गुड़ की इसी विशेषता की वजह से मकर संक्रांति पर इनका सेवन करने की परंपरा प्रचलित है। ध्यान रखें तिल और गुड़ की तासीर गर्म होती है, इस वजह इनका सेवन उन लोगों को नहीं करना चाहिए, जिन्हें डॉक्टर्स ने गर्म तासीर की चीजें खाने से मना किया है।

  • मकर संक्रांति पर दान-पुण्य करें

मकर संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान करने और स्नान के बाद दान-पुण्य करने की परंपरा प्रचलित है। संक्रांति पर जरूरतमंद लोगों को विशेष रूप से तिल-गुड़ का दान करना चाहिए, ताकि वे भी सर्दी के दिनों में तिल-गुड़ का सेवन कर सकें।

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