कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या देख केंद्रीय टीम पंजाब पहुंची, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट प्रोसेस से जानेगी क्यों बिगड़ रहे हालात…

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या देख केंद्रीय टीम पंजाब पहुंची, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट प्रोसेस से जानेगी क्यों बिगड़ रहे हालात…

पंजाब में कोरोना के बढ़ते मामलों को देख केंद्र सरकार फिर से पंजाब में सख्त कदम उठाने की बात कहते हुए पंजाब में  चेकिंग के लिए केंद्र की टीम पंजाब पहुंची जो बढ़ते हुए मामलों की जांच कर कारणों का पता लगाने की कोशिश करेंगे की आख़िर पंजाब में लगातार मामलों में इजाफा होने के कारण क्या है

कोरोना को देखते हुए अगले 48 घंटे में केंद्र द्वारा गठित की गई टीमों के डॉक्टर शहर में पहुंच जाएंगे। जालंधर में दिल्ली के एपिडिमोलॉजिस्ट और चेस्ट इंस्टीट्यूट के डॉक्टर कोरोना के संक्रमण की दर के साथ इसके फैलने के मुख्य कारण पता लगाएंगे। वहीं पंजाब में सबसे अधिक मौतों चूंकि जालंधर में हुई तो वह ट्रिपल-टी की प्रक्रिया को जांचेंगे।

इसके बाद सिविल अस्पताल में मरीजों की मिल रही सुविधा और कोरोना के इलाज के दौरान यूज होने वाली दवाओं के बारे में डिटेल से जानकारी ली जाएगी। दूसरी तरफ स्टेट हेल्थ विभाग की तरफ से मरीजों की होम आइसोलेशन से लेकर डेली रिपोर्टिंग के लिए डिप्टी डायरेक्टर स्तर के सभी अधिकारियों को डिप्यूट कर दिया गया है। बता दें कि पंजाब के जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, मोहाली, पटियाला, रूपनगर, होशियारपुर, कपूरथला में सर्वे होगा।

बाजार : न मास्क, न दो गज की दूरी, घर-घर पहुंच रहा कोरोना

रैणक बाजार, शेखां बाजार, कैंचियां वाला बाजार और भगवान वाल्मीकि चौक के साथ सटे बाजारों में रोज हजारों की तादाद में लोग आ रहे लेकिन अधिकतर लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं है। साथ ही लोग सोशल डिस्टेंसिंग का बिल्कुल पालन नहीं कर रहे। सेहत विभाग की बीते 48 घंटों की रिपोर्ट के अनुसार बैंकों और अन्य पब्लिक डीलिंग वाली जगहों से 10 फीसदी संक्रमित मिले हैं, जो भीड़भाड़ वाली जगहों पर काम रहे थे।

बस स्टैंड : चेकिंग नहीं, दूसरे जिलों तक आ-जा रहा संक्रमण

कोरोना सुपर स्प्रेडर का मुख्य द्वार बस स्टैंड पर खुला है। बस स्टैंड पर आने वाले दूसरे राज्यों के लोगों की न तो स्क्रीनिंग हो पा रही है और न ही शहर में प्रवेश करने पर किसी की कोरोनावायरस की निगेटिव रिपोर्ट देखी जा रही है। इसके अलावा बस स्टैंड पर कोई भी अधिकारी न तो लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य कर रहा है और न ही ऐसे लोगों का मास्क न पहनने पर चालान काटा जा रहा है। लोग नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन कर रहे हैं।

अस्पताल : संक्रमण का डर यहां भी, मरीज नियम नहीं मान रहे

कोरोना सुपर स्प्रेडर का मुख्य द्वार बस स्टैंड पर खुला है। बस स्टैंड पर आने वाले दूसरे राज्यों के लोगों की न तो स्क्रीनिंग हो पा रही है और न ही शहर में प्रवेश करने पर किसी की कोरोनावायरस की निगेटिव रिपोर्ट देखी जा रही है। इसके अलावा बस स्टैंड पर कोई भी अधिकारी न तो लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य कर रहा है और न ही ऐसे लोगों का मास्क न पहनने पर चालान काटा जा रहा है। लोग नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन कर रहे हैं।

अस्पताल : संक्रमण का डर यहां भी, मरीज नियम नहीं मान रहे

ईएसआई अस्पताल में रोजा 500 से अधिक मरीज अन्य बीमारियों की दवा लेने के लिए आ रहे हैं। यहां बीमारी के डर से जहां 60 फीसदी लोग मास्क पहन रहे हैं लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग और भीड़ जमा करने के कारण संक्रमित होने का 100 फीसदी खतरा बना हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में अन्य बीमारियों की दवा लेने के लिए आ रहे लोग कोरोना संक्रमण मुफ्त में लेकर जा सकते हैं।

संक्रमितों में 80% बुखार और शरीर टूटने वाले केस

कोरोना का नया यूके स्ट्रेन एक संक्रमित से 13 लोगों तक फैल सकता है। वर्तमान में कोरोना के मामले बढ़ने का मुख्य कारण यही है। हालांकि सेहत विभाग चंडीगढ़ की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में हुई जीनोम टेस्टिंग के दौरान पंजाब में आ रहे संक्रमितों के मामलों में 70% मरीजों में यूके का स्ट्रेन मिला था। इसके चलते कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।

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