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चीनी साजिश: चीन की सेना ने LAC के पास फॉरवर्ड इलाकों में फिर किया कंस्ट्रक्शन! सैटेलाइट तस्वीरों में ड्रैगन की साजिश के सबूत

चीनी साजिश: चीन की सेना ने LAC के पास फॉरवर्ड इलाकों में फिर किया कंस्ट्रक्शन! सैटेलाइट तस्वीरों में ड्रैगन की साजिश के सबूत

 

ताजा सैटलाइट तस्वीरों में कंस्ट्रक्शन के लिए बनाए गए अस्थायी कैंप नजर आ रहे हैं और साइट पर क्लाइमेट कंट्रोल डोम भी दिखाई पड़ रहे हैं. साफ है कि ड्रैगन की साजिशें लगातार जारी है.

चीन की सेना ने LAC के पास फॉरवर्ड इलाकों में फिर किया कंस्ट्रक्शन! सैटेलाइट तस्वीरों में ड्रैगन की साजिश के सबूत
पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग लेक का इलाका (फाइल फोटो- PTI)

कहावत है कि चोर चोरी से जाए, हेराफेरी से ना जाए. ये कहावत चीन पर सबसे ज्यादा सटीक बैठती है क्योंकि भारत के पड़ोस में बैठे ड्रैगन ने एक बार फिर फुफकारना शुरू कर दिया. फरेबी चीन हिंदुस्तान की जमीन पर अपने मक्कारी के दांत गड़ाने के मौके की तलाश में है और इसके सबूत मिले हैं, ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में. जिनसे साफ हो गया है कि चीन की सेना पैंगोंग झील के बेहद करीब डटी हुई है.

चीन के जवान विवाद वाले प्वाइंट के ठीक पास मौजूद हैं. इस सैटेलाइट इमेज में चीनी सेना का नया फॉरवर्ड बेस नजर आ रहा है. जो डिसएंगेजमेंट वाले एरिया से बहुत नजदीक है. मतलब जिन इलाकों से सैनिक हटाने पर समझौता हुआ था, उनके पास सैन्य जमावड़ा है. इस फॉरवर्ड बेस में डिफेंसिव ट्रेंच दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा ईंधन के इस्तेमाल के निशान नजर आ रहे हैं. अंदर जाने का रास्ता भी देखा जा सकता है. अंदर सैनिकों के रहने के लिए तिरपाल से बनाए गए ठिकाने भी दिख रहे हैं और इस साइट की सिक्योरिटी के लिए चारों ओर घेराबंदी की गई है.

ये सैटेलाइट इमेज ओपन इंटेलिजेंस सोर्स ‘Detresfa’ ने रिलीज की है, जो बताती है कि 6 महीने पहले डिसएंगेजमेंट के लिए राजी हुए चीन के फेरबी दिलोदिमाग में हकीकत में चल क्या रहा है. सैटेलाइट तस्वीरों से एक ओर जहां LAC के पास चीन की नापाक हरकतों का खुलासा हुआ है, तो LAC से सैकड़ों किलोमीटर दूर हिंदुस्तान के खिलाफ परमाणु तैयारियों का भी पता चला है.

 

110 परमाणु मिसाइलों का ठिकाना

खुलासा हुआ है कि चीन 110 परमाणु मिसाइलों का दूसरा ठिकाना बना रहा है. ये ठिकाना शिंजियांग प्रांत में हामी शहर के पास रेगिस्तान में है. जो भारत से करीब 2,000 किलोमीटर की दूरी पर है. जहां मिसाइलें रखने की तैयारी भारत के लिए चिंता की बात है, क्योंकि चीन के पास ऐसी कई मिसाइलें हैं जिनकी रेंज में समूचा भारत आता है.

ताजा सैटलाइट तस्वीरों में कंस्ट्रक्शन के लिए बनाए गए अस्थायी कैंप नजर आ रहे हैं और साइट पर क्लाइमेट कंट्रोल डोम भी दिखाई पड़ रहे हैं. साइलो एक तरह से स्टोरेज कंटेनर होते हैं, जिनके अंदर लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें रखी जाती हैं. साफ है कि ड्रैगन की साजिशें लगातार जारी है. लेकिन वो भूल गया है कि जिस तरह सैटेलाइट कैमरे में उसकी साजिश का सबूत कैद हुआ है. ठीक इसी तरह उसके हर प्लान की भनक हिंदुस्तान को है. ऐसे में अगर चीन ने अब कोई भी हिमाकत की तो उसका फुल एंड फाइनल हिसाब होना तय है.

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