Vinay Katiyar Says Cia Report False And Inspired By Politics – सीआईए की रिपोर्ट झूठी और राजनीति से प्रेरित : विनय कटियार


डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:23 PM IST

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अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की संघ से जुड़े संगठनों बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद को धार्मिक आतंकी संगठन घोषित करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष विनय कटियार ने कहा कि सीआईए की रिपोर्ट झूठी, राजनीति से प्रेरित है। हम इसका कड़ा प्रतिवाद करते हैं और इसके खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। वीएचपी का कहना है कि अमेरिका को पता ही नहीं है कि कौन राष्ट्रवादी है और कौन आतंकी। डा. राम विलास वेदांती ने भी सीआईए की इस रिपोर्ट का मखौल उड़ाया। 

विनय कटियार ने कहा कि बजरंग दल का एक सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठन है। यह बजरंग दल को बदनाम करने की झूठी साजिश है। कटियार ने कहा कि बजरंग दल का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है। यह संगठन युवाओं के बीच में काम करता है। धार्मिक क्षेत्र को अपना सहयोग देता है और समाज के रचनात्मक कार्यों में अपनी भूमिका निभाता है। हम गोरक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वनवासियों के बीच में बजरंग दल के कार्यकर्ता उनका जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। लोकसभा सांसद कटियार का कहना है कि सीआईए को इसमें भी आतंकवाद नजर आने लगा। ये लोग झूठी, राजनीति से प्रेरित रिपोर्ट कर रहे हैं। हम सीआईए की इस तरह की गतिविधियों पर कड़ा प्रतिवाद करने की तैयारी कर रहे हैं।

पूर्व सांसद, अयोध्या राम मंदिर मामले से और विहिप से जुड़े संत डा. राम विलास वेदांत का कहना है कि अमेरिका और सीआईए को भारतीय रूप, रंग, ढांचे के बारे में क्या पता। उन्हें क्या पता कि असदुद्दीन ओवैसी, राहुल गांधी, आजम खां, पी चिदंबरम जैसे लोग अपने घर पर आतंकियों को बुलाकर खाना खिलाते हैं। डा. वेदांती ने कहा कि देश के लोग पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत मुर्दाबाद के नारे लगाते हैं। लेकिन इनके खिलाफ तो सीआईए की रिपोर्ट हमने नहीं देखी। यह तो हिन्दुओं, हिन्दू रचनात्मक संगठनों के खिलाफ घोर साजिश है। वेदांती के नका कि विहिप के लोग पुजारी, संत, राष्ट्र की आराधना करने वाले राष्ट्रवादी लोग हैं। लेकिन सीआईए को इनमें आतंकवाद नजर आने लगा? वेदांती ने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि अमेरिका और उसकी खुफिया एजेंसी को केवल अपना लक्ष्य पता होता है। वह राष्ट्रवादी और आतंकवादी में भेद ही कहां कर पाते हैं?

बता दें कि सीआईए ने हाल ही वर्ल्ड फैक्टबुक में किए गए अपडेट में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को पॉलिटिकल प्रेशर ग्रुप और लीडर्स कैटेगरी के तहत धार्मिक उग्रवादी संगठन बताया है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को राष्ट्रवादी संगठन करार दिया है। विहिप और बजरंग दल के अलावा कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और जमीयत उलेमा ए हिंद को धार्मिक संगठन बताया गया है। इसको लेकर बजरंग दल और और विहिप सीआईए पर कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की संघ से जुड़े संगठनों बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद को धार्मिक आतंकी संगठन घोषित करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष विनय कटियार ने कहा कि सीआईए की रिपोर्ट झूठी, राजनीति से प्रेरित है। हम इसका कड़ा प्रतिवाद करते हैं और इसके खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। वीएचपी का कहना है कि अमेरिका को पता ही नहीं है कि कौन राष्ट्रवादी है और कौन आतंकी। डा. राम विलास वेदांती ने भी सीआईए की इस रिपोर्ट का मखौल उड़ाया। 

विनय कटियार ने कहा कि बजरंग दल का एक सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठन है। यह बजरंग दल को बदनाम करने की झूठी साजिश है। कटियार ने कहा कि बजरंग दल का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है। यह संगठन युवाओं के बीच में काम करता है। धार्मिक क्षेत्र को अपना सहयोग देता है और समाज के रचनात्मक कार्यों में अपनी भूमिका निभाता है। हम गोरक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वनवासियों के बीच में बजरंग दल के कार्यकर्ता उनका जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। लोकसभा सांसद कटियार का कहना है कि सीआईए को इसमें भी आतंकवाद नजर आने लगा। ये लोग झूठी, राजनीति से प्रेरित रिपोर्ट कर रहे हैं। हम सीआईए की इस तरह की गतिविधियों पर कड़ा प्रतिवाद करने की तैयारी कर रहे हैं।

पूर्व सांसद, अयोध्या राम मंदिर मामले से और विहिप से जुड़े संत डा. राम विलास वेदांत का कहना है कि अमेरिका और सीआईए को भारतीय रूप, रंग, ढांचे के बारे में क्या पता। उन्हें क्या पता कि असदुद्दीन ओवैसी, राहुल गांधी, आजम खां, पी चिदंबरम जैसे लोग अपने घर पर आतंकियों को बुलाकर खाना खिलाते हैं। डा. वेदांती ने कहा कि देश के लोग पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत मुर्दाबाद के नारे लगाते हैं। लेकिन इनके खिलाफ तो सीआईए की रिपोर्ट हमने नहीं देखी। यह तो हिन्दुओं, हिन्दू रचनात्मक संगठनों के खिलाफ घोर साजिश है। वेदांती के नका कि विहिप के लोग पुजारी, संत, राष्ट्र की आराधना करने वाले राष्ट्रवादी लोग हैं। लेकिन सीआईए को इनमें आतंकवाद नजर आने लगा? वेदांती ने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि अमेरिका और उसकी खुफिया एजेंसी को केवल अपना लक्ष्य पता होता है। वह राष्ट्रवादी और आतंकवादी में भेद ही कहां कर पाते हैं?

बता दें कि सीआईए ने हाल ही वर्ल्ड फैक्टबुक में किए गए अपडेट में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को पॉलिटिकल प्रेशर ग्रुप और लीडर्स कैटेगरी के तहत धार्मिक उग्रवादी संगठन बताया है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को राष्ट्रवादी संगठन करार दिया है। विहिप और बजरंग दल के अलावा कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और जमीयत उलेमा ए हिंद को धार्मिक संगठन बताया गया है। इसको लेकर बजरंग दल और और विहिप सीआईए पर कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।





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